गणपति शिव नंदन का अभिनंदन करते हैं

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति शिव नंदन का अभिनंदन करते हैं

गणराज गजानंद का अभिनंदन करते हैं

बल बुद्धि विद्या के तुम सागर हो स्वामी

धनधान बड़ाई के नट नागर हो स्वामी

सब दर्द भरे दिल मिल सब कंदन करते हैं

गणपति शिवनंदन का अभिनंदन करते हैं

पितु मातु सखा स्वामी तुम साथी हो जन-जन के

है भक्त तुम्हारे ही तुम स्वामी भक्तन के

क्यों कष्ट अमन के नहीं भ्व भंजन हरते हैं

गणपति शिव नंदन का अभिनंदन करते हैं

उसने ही सजा पाई जिसने ही मुंह मोड़ा

रजनी पति चंदा का तूने ही गर्व तोड़ा

तेरे ही क्रोधनन से सब सेवक डरते हैं

गणपति शिवनंदन का अभिनंदन करते हैं

दीपांशु अरोड़ा

9782213145

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।