राम नाम अति प्यारा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रे भज मन राम नाम अति प्यारा,

राम नाम से ही साँसों का गूँज रहा इक तारा,

अन्तर मन में जब भी तेरे घोर निराशा छाए,

कुछ ना सूझे कुछ ना बुझे ,मनवा भी अकुलाए,

राम नाम का दीप जला फिर,

फैले घट उजियारा,,, रे भज मन

निर्बल के बल राम जगत में, ये संतों का कहना,

क्यूँ खुद को कमज़ोर समझना ,उलझे उलझे रहना,

सौप दे नैया उसके हाथों,

वो ही खेवन हारा,,, रे भज मन

वाद विवाद में अपनी जीभा,दिन रात उलझाए,

इस जीभा से प्राणी क्यूँ ना राम नाम तू गाए,

कानों से भी रस लेकर के

निंदा सुनें दिन सारा, रे भज मन

गायिका--- मीनाक्षी मुकेश

रचना व संगीत ---- राजकुमार भारद्वाज (m 9034581000)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।