बाला जी के दर पे ढोक लगावे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी के दर पे ढोक लगावे

बाला जी की गाथा गा के सुनावे

प्यारे प्यारे मेरे बाला जी सब से प्यारे

बाला जी के धाम पे जयकारे से गूंज ते

दूर दूर से आके बाबा दुनिया तने पूजे,

मेहँदीपुर में जावे जाके झूम झूम के गावे

बाला जी के दर पे ढोक लगावे

बाला जी की गाथा गा के सुनावे ....

बड़े दयालु बाबा मेरे संकट सब के काटे

संकट काटे सब के बाबा घर घर खुशिया बांटे,

साला सर में जावे जाके संग में भेट चडावे

बाला जी के दर पे ढोक लगावे

बाला जी की गाथा गा के सुनावे

बाला जी के नाम पे देखो भूत पिछात ना आवे

थर थर काँपे सुन के नाम ने बाला जी जब ध्यावे,

सिया राम की महिमा देखो बाला जी से सब से न्यारे,

बाला जी के दर पे ढोक लगावे

बाला जी की गाथा गा के सुनावे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।