नवकार महामंत्र ,णमोकार महामंत्र

पारंपरिक
अन्य मंत्र जैन भजन mantra
॥ पावन पाठ ॥

ये मंत्र णमोकारा, हैं जी इतना प्यारा,

ये मंत्र णमोकारा, हैं जी इतना प्यारा,

जिसने भी जाप किया, भव से पार उतारा ।।

णमो अरिहंताणं,

णमो सिद्धाणं,

णमो आयरियाणं,

णमो उवज्झायाणं,

नमो लोए सव्वसाहूणं..

ये मंत्र णमोकारा, हैं जी इतना प्यारा,

जिसने भी जाप किया, भव से पार उतारा ।।

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं..

अरिहंतो को नमस्कार हो, जो हैं मंगलकारी,

नमस्कार उन सिद्धों को हो, जो हैं संयमधारी ।।

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं..

आचार्यों को नमस्कार हो, जो हैं ज्ञानी ध्यानी,

फिर हैं नमन उपाध्यायों को, जो बाचे जिनवाणी ।।

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं..

नमस्कार हो सर्व साधु को, सहे उपसर्ग जो भारी,

ज्ञान, ध्यान और तप करते हैं, जन जन के हितकारी ।।

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं..

ये मंत्र णमोकारा, हैं जी इतना प्यारा,

जिसने भी जाप किया, भव से पार उतारा ।।

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।