ओ मेरी मैया रानी कल्याणी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैया रानी मैया रानी मैया रानी मैया रानी,

मैया रानी ओ मेरी मैया रानी, कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ,

मैया रानी ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ,

ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ।।

शिव की अर्धांगनी तुम्ही माँ नर्क सुर वध कर,

धरा का भार उतारा धरा का भार उतारा,

मैया रानी मैया रानी मैया रानी मैया रानी

मैया रानी ओ मेरी मैया रानी,

मैया रानी ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ,

ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ।।

तुम्ही हो बगला मुखी तुम्ही भुवनेश्वरी माँ नील पर्वत को तारा,

नील पर्वत को तारा नील पर्वत को तारा हो,

मैया रानी मैया रानी मैया रानी मैया रानी,

मैया रानी ओ मेरी मैया रानी,

ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ,

भव की भये हारनी तुम्ही माँ इस जग की माँ तारणी,

तारणी पार लगाओ तारणी पार लगाओ,

मैया रानी मैया रानी मैया रानी मैया रानी,

मैया रानी ओ मेरी मैया रानी,

ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ,

ओ मेरी मैया रानी कल्याणी मैया रानी कामाख्या माँ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।