मेरी मैया की चुनरी कमाल है

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय हो,

मेरी मैया की जय हो

मेरी मैया की जय हो

मेरी मैया की चुनरी कमाल है

मेरी मैया की चुनरी कमाल है

रंग सोना सोना लाल लाल है

मेरी मैया की चुनरी कमाल है,

रंग सोना सोना लाल लाल है।

मेरी मैया की चुनरी कमाल है,

रंग सोना सोना लाल लाल है।

माँ के चुनरी के देख नज़ारे

चम चम चमके,

चम चम चमके, जिसमे चाँद और सितारे

रंग उड़ रहे है, उड़ रहे है, उड़ रहे है

रंग उड़ रहे है प्यारे प्यारे

रंग उड़ रहे है प्यारे प्यारे

जय हो

हीरे मोती से, हीरे मोती से,

हीरे मोती से सजी बेमिसाल है

हीरे मोती से सजी बेमिसाल है

रंग सोना सोना लाल लाल है

लाल लाल लाल लाल

रंग सोना सोना, लाल लाल है

मेरी मैया की चुनरी कमाल है,

रंग सोना सोना, लाल लाल है

सारी दुनिया से है न्यारी

इसमें फूलो की फुलवारी

फूलो की, फूलो की… फुलवारी

सारी दुनिया से है न्यारी

इसमें फूलो की फुलवारी

सृष्टि समाई जिसमे सारी

सृष्टि समाई जिसमे सारी

जय हो,

ये करती भक्तो का, करती भक्तो का,

करती भक्तो का जीवन निहाल है

करती भक्तो का जीवन निहाल है

रंग सोना सोना लाल लाल है

लाल लाल लाल लाल

रंग सोना सोना लाल लाल है

पवन के जब जब झोके आए

पवन के जब जब झोके आए

लहर लहर चुनरी लहराए

लहर लहर चुनरी लहराए

झूम झूम के पन्ना गाये

जय हो..जय हो

झूम झूम के पन्ना गाये

बेधड़क चुनरी, बेधड़क चुनरी

बेधड़क चुनरी की ना मिसाल है

बेधड़क चुनरी की ना मिसाल है

रंग सोना सोना लाल लाल है

मेरी मैया की चुनरी कमाल है

मेरी मैया की चुनरी कमाल है

रंग सोना सोना लाल लाल है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।