साँवरे पटवा दे पटवा दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवरे पटवा दे पटवा दे,

अब तो मेरा काम,

दिखाए नख़रे क्यों,

इतने सुबह श्याम,

कहो अगर तो ऊपर से भी,

सोर्स लगा देंगे,

बरसाने वाली से,

एक फोन करा देंगे,

बरसाने वाली से,

एक फोन करा देंगे।

ऐसे वैसे ना हम दीवाने हैं,

ऐसे वैसे न हम दीवाने है,

थोड़े थोड़े हम भी सयाने हैं,

है पहुँच अपनी तो ऊपर तक,

ये जान के भी क्यों ना मानें हैं,

मान ले वरना,

हम ये साबित करके दिखा देंगे,

बरसाने वाली से,

मिस कॉल करा देंगे।

माना की दुनियाँ ये तुम्हारी है,

तू ही हम सबका पालन हारी है,

फिर भी तू रहता जिसके बस में वो,

और कोई ना राधे प्यारी है,

राधे को हम,

अपने दिल का हाल सुना देंगे,

बरसने वाली से हम,

एसएमएस करा देंगे।

चाहे सेवक से चाहे मालिक से,

काम जब होता हे गुज़ारिस से,

सोनू कहता यह रीत दुनियाँ की,

जल्दी हो जाता वो सिफ़ारिस से,

तुजसे काम कराने की,

ये रीत चला देंगे,

बरसाने वाली से,

हम ईमेल करा देंगे।

साँवरे पटवा दे, पटवा दे,

अब तो मेरा काम,

दिखाए नख़रे क्यों,

इतने सुबह श्याम,

कहो अगर तो ऊपर से भी,

सोर्स लगा देंगे,

बरसाने वाली से,

एक फोन करा देंगे,

बरसाने वाली से,

एक फोन करा देंगे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।