श्याम तुम हो ना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ दूँ ना चिंता मेरे श्याम तुम हो ना,

करता भरोसा हर बार तुम हो ना,

जितनी भी चिंता हो सब मैं बोल दूँ,

मन में छिपा हो हर दुःख मैं खोल दूँ।

हर दुःख हारोगे दातार तुम हो ना।

छोड़ दी है चिंता मेरे श्याम तुम हो ना,

करता भरोसा हर बार तुम हो ना

मैं जब तुझे देखूँ यही मैं सोचूँ,

हारा हुआ हूँ बाबा क्या कहूं,

तू मिलकर सुन ले मेरे दुःख हर ले,

हर बात कही ना जाए क्या कहूं,

आंसूं ही कहेंगे,

जो भी मैं ना कह सकूँ,

तुझ बिन बाबा,

मैं कभी ना रह सकूँ,

तुम बिन चले ना,

मेरी नाँव सुन लो ना,

करता भरोसा,

हर बार तुम हो ना,

छोड़ दी है चिंता,

मेरे श्याम तुम हो ना।

ना डर लगता है,

ना मन भरता है,

जब से थामा बाबा,

तेरा हाथ,

मैं खुश रहता हूँ,

मैं यह कहता हूँ,

खाटू मैं बनती है सारी बात,

तुम ना सुनोगे,

और किसको मैं कहूं,

तुम जैसे रखो बाबा,

वैसे मैं रहूँ,

तुम बिन सुने ना कोई,

कोई और तुम हो ना,

करता भरोसा,

हर बार तुम हो ना,

छोड़ दी है चिंता,

मेरे श्याम तुम हो ना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।