नाता तुम श्याम से जोड़ो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम रिझा ले तू श्याम रिझाले,

श्याम रिझाले, तू श्याम रिझा ले,

खाटू जाकर देख ले,

झुकती दर पे दुनियाँ सारी,

बिगड़ी हुई वहाँ बनती,

मिटती है हर लाचारी।

नाता तुम श्याम से जोड़ो,

मुश्किलों को पल में हर लेगा,

चिंता तुम श्याम प्यार छोड़ो,

जिंदगी को सुखमय कर देगा,

नाता तुम श्याम से जोड़ों

नाता तुम श्याम सै जोड़ों।

सोच रहा क्या ओ दीवाने,

श्याम की महिमा को,

तू क्या जाने,

लाख़ों की किस्मत को,

सेठ श्याम ने बदला,

नाता तुम श्याम से जोड़ों

नाता तुम श्याम सै जोड़ों।

श्याम रिझाले,ओ मतवाले,

जीवन अपना तू सफल बना ले,

लाख़ों की बगिया को,

सेठ श्याम ने सींचा,

नाता तुम श्याम से जोड़ों

नाता तुम श्याम सै जोड़ों।

श्याम हवाले कर दे नइयां,

हर्ष बनेगा तेरा खिवैयाँ,

लाख़ों की कश्ती को,

सेठ श्याम ने तारा,

नाता तुम श्याम से जोड़ों,

नाता तुम श्याम सै जोड़ों।

नाता तुम श्याम से जोड़ों,

मुश्किलों को पल में हर लेगा,

चिंता तुम श्याम प्यार छोड़ो,

जिंदगी को सुखमय कर देगा,

नाता तुम श्याम से जोड़ों,

नाता तुम श्याम सै जोड़ों

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।