राधे तेरे नाम का सहारा ना मिलता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे तेरे नाम का सहारा ना मिलता,

भँवर में ही रहते किनारा ना मिलता

किनारे पर भी तो लहर आ डुबोती,

जिंदगी क्या होती कुछ ना होती,

बरसाने वाली की रहमत ना होती,

जिंदगी क्या होती कुछ ना होती

कहूंगा ना दुखड़ा अब मैं किसी से,

कहूं क्यों फ़साना अब मैं किसी से,

तेरी गर ना नजरे निगाहबान होती,

जिंदगी क्या होती कुछ ना होती,

बरसाने वाली की रहमत ना होती,

जिंदगी क्या होती कुछ ना होती,

नज़रों में तुम हो नज़ारों में तुम हो,

ज़मी आसमां में सितारों में तुम हो,

तुम जो ना दिल की तारों में होती,

जिंदगी क्या होती कुछ ना होती,

बरसाने वाली की रहमत ना होती,

जिंदगी क्या होती कुछ ना होती,

राधे तेरे नाम का सहारा ना मिलता,

भँवर में ही रहते किनारा ना मिलता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।