क्या की है नाराज़ी कुछ बोलो तो सही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्या की है नाराज़ी कुछ बोलो तो सही

बाबा अपने मंदिर का पट खोलो तो सही

कैसे तुम हो भक्तों से दूर सांवरे

तुम तो नहीं हो मजबूर सांवरे

आके अपने बच्चों की सुध ले लो तो सही

बाबा अपने मंदिर का पट खोलो तो सही

क्या की है नाराज़ी ...................

मन में रखों ना कोई बात सांवरे

भूल चूक अब तो कार्डो माफ़ सांवरे

श्रद्धा के अंसुवन से खुद को भिगो लो तो सही

बाबा अपने मंदिर का पट खोलो तो सही

क्या की है नाराज़ी ...................

किस कारण ये गुस्सा तेरा आज बढ़ गया

बाबा तू क्यों ज़िद पे अपने आज अड़ गया

मन पंकज की बाबा कभी टटोलो तो सही

बाबा अपने मंदिर का पट खोलो तो सही

क्या की है नाराज़ी ...................

क्या की है नाराज़ी ...................

बाबा अपने मंदिर का पट खोलो तो सही

क्या की है नाराज़ी ...................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।