आके मारो गेडा ते म्हारे गाव बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन के राम के पूजारी तेरी लीला है न्यारी

तेरे दर की रे बाबा मने कर ली से तयारी

करू पूजा मैं तेरी सुबह शाम बाला जी

आके मारो गेडा ते म्हारे गाव बाला जी

मेरे बाला जी महाराज तेरा सालासर राज

आके कर दे ने बाबा मेरा छोटा सा यो काज,

रटू सुबह शाम तेरा नाम बाला जी

आके मारो गेडा ते म्हारे गाव बाला जी

तेरे करे रे शिंगार यो शर्मा परिवार

कद होगा बाबा माने इब तेरा रे दीदार,

तेरी दया से चाले मेरा नाम बाला जी

आके मारो गेडा ते म्हारे गाव बाला जी

तेरा भगवा यो वाना मैंने तेरे दर आना

इब पड़ेगा रे बाबा तने दर्श दिखाना

स्वर्ग से भी प्यारा तेरा धाम बाला जी

आके मारो गेडा ते म्हारे गाव बाला जी

तिनके आला रवि गावे तेरा भगत नचावे

तेरे चरना में बाबा रवि शीश जुकावे

मेरी छाती के माँ बसते सिया राम बाला जी

आके मारो गेडा ते म्हारे गाव बाला जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।