तेरे नाम के तराने मैया गाये जाए गे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

याहा जायेगे अलख जगाये जायेगे

तेरे नाम के तराने मैया गाये जाए गे

साज साँसों का सुर में बजाए जायेगे

तेरे नाम के तराने मैया गाये जाए गे

दुनिया के बंधन से तोड़ के नाता रेह जायेगे होके तेरे ही माता

खो जायेगे ऐसे धुन में माँ तेरी

ये जैसी जल में है जल समा जाता

तेरी मस्ती में हस्ती मिटाए जायेगे

तेरे नाम के तराने मैया गाये जाए गे

कर के न इतना किरपा महारानी

चलके चले तेरे पथ पे भवानी

डोले कभी न कभी डग मगाए,

तेरे भगतो का काफिला बनाये जायेगे

तेरे नाम के तराने मैया गाये जाए गे

ज्योत मन में माँ तेरी उजागर करेगे

शरदा और भगती की गागर भरे गे

जीवन करेगे ये माँ मुह माँ तेरे

ये पापो से मुक्ति भव् सागर तरे गे

बन के जोगी माँ मुड मुड के आये जायेगे

तेरे नाम के तराने मैया गाये जाए गे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।