बचपन की यादो में खोया

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बचपन की यादो में खोया भावो का तूफ़ान उठा और मैं

यादो में बेह सा गया

इक आभास सा हुआ के जैसा पिता का साया पड़ा मुझ पर

और दिल भर सा गया,

बचपन की यादो में खोया भावो का तूफ़ान उठा और मैं

जिन हाथो को पकड़ के मैंने उठना चलना सिखा था,

जिनके सनेह से मेरा बचपन इतना सुंदर बीता था

जिनकी गोद में खेला करता पिता वो दूर हुए मुझे,

और दिल भर सा गया

इक आभास सा हुआ के जैसा पिता का साया पड़ा मुझ पर

पिता के प्रेम के ऋण को कोई चूका न पाए

पिता की सेवा से ही जीवन धन्य हो जाए,

नमन पिता को जिन्हों ने अपना नोछावर सब कर दिया,

और दिल भर सा गया ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।