नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

सो सो बार बधाई हॉवे लाखो बार बधाई

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

चमत्कार सा हो गया सखियों हो गई आज वधाई

रात ही रात में नन्द बाबा की हो गी दाह्डी काली

सो सो बार बधाई हॉवे लाखो बार बधाई

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

ना जाने किस ऋषि मुनि ने धागा हाथ लपेटा

नन्द भवन अनहोनी हो गई बेटी हो गई बेटा

सो सो बार बधाई हॉवे लाखो बार बधाई

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

कानो कान में बात चली और सोचे हर ब्रिज बाला,

नन्द जी गोरे यशोदा गोरा लाला क्यों भयो काला

सो सो बार बधाई हॉवे लाखो बार बधाई

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

जन्म जन्म की तांग पूरी होई लाला घर में आओ

माल खजाना हीरे मोती दोनों हाथ लुटायो

सो सो बार बधाई हॉवे लाखो बार बधाई

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

७० घज की पगड़ी बांधे घूम रहे नन्द लाल

पलना में अंगूठा चुसे सांवल कुवर कन्हिया

सो सो बार बधाई हॉवे लाखो बार बधाई

नंद जू के अंगना में बज रही आज बधाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।