श्री राम दीवाना जा रहा था

- गणेश राजपुत
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम दीवाना जा रहा था हवा के झोंके से

तीर भरत ने मार दिया हाय रे धोखे से

मुख से निकला जय सिया राम जय सिया राम जय सिया राम

श्री राम चंद्र और जानकी को अपने दिल में बसा लिया

इतने भारी पर्वत को हाथों में उठा लिया

श्री राम नाम का जाप किया हवा के झोंके से

तीर भरत ने मार दिया हाय रे धोखे से

मुख से निकला जय सिया राम जय सिया राम जय सिया राम

गायक:- गणेश राजपुत

माें. 9009204035, 7999629343

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।