बालाजी के दर से हम खाली नहीं जाएंगे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी के दर से हम खाली नहीं जाएंगे

संकट को मिटा कर हम दर से अब जायेगे

सालासर धाम से हम खुशिया है पायेगे,

बालाजी के दर से हम खाली नहीं जाएंगे

बाला जी के चरणों में हम शीश झुकाते है

बाला जी की महिमा को हम दिल से सुनाते है,

खोल दिल के दरवाजे बाला जी को बुलाये गे

सालासर धाम से हम खुशिया है पायेगे,

बालाजी के दर से हम खाली नहीं जाएंगे

बाला जी भगतो के सब संकट हरते है

देखो भुत पिशात भी बाला जी से डरते है,

जो कर न सका कोई वो कर के दिखाते है

सालासर धाम से हम खुशिया है पायेगे,

बालाजी के दर से हम खाली नहीं जाएंगे

संजीवनी भुट्टी ला कर बाला जी ने दिख लाया

लक्ष्मण जी के प्राण बचा बाला जी ने दिख लाया

माँ अंजनी का लाला तुम्हे दर पे बुलाते है,

सालासर धाम से हम खुशिया है पायेगे,

बालाजी के दर से हम खाली नहीं जाएंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।