हरी नाम का प्याला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी नाम का प्याला

और हरे कृष्ण की हाला

हरी नाम का प्याला प्याला

हरे कृष्ण की हाला।

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला॥

राधा जैसी बाला,

और वृन्दावन का ग्वाला

राधा जैसी बाला,

और वृन्दावन का ग्वाला।

ऐसा ग्वाला मुरली मनोहर

जपो कृष्ण की माला॥

हरी नाम का प्याला

और हरे कृष्ण की हाला।

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला॥

हरे कृष्ण का जप हो

और हरे कृष्ण की माला

हरे कृष्ण का जप हो

और हरे कृष्ण की माला।

दिव्य ज्योत से ह्रदय शुद्ध हो

निकले मन की ज्वाला॥

हरी नाम का प्याला

और हरे कृष्ण की हाला।

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला॥

कृष्ण की धुन में तन हो

और हरे कृष्ण में मन हो।

कृष्ण की धुन में तन हो

और हरे कृष्ण में मन हो।

ऐसे तन मन के मंदिर में

कृष्ण हाला डाला॥

हरी नाम का प्याला

और हरे कृष्ण की हाला।

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला॥

हरे कृष्ण में बल है

कृष्णा जल और थल है।

ऐसे नव जल थल में

पी लो नारायण की हाला॥

हरी नाम का प्याला

और हरे कृष्ण की हाला।

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला॥

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला।

ऐसी हाला पी पीकर के

चला चले मतवाला।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।