नमो नमो विष्णु हरी जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नमो नमो विष्णु हरी जी जग के पालनहार है,

सुंदर रूप मनोहर सूरत भगतन के प्रतिपाल है

माथे मूकटा स्वर्ण का है रूप चतुर भुज आप का

शंख चकर पदम् के धारी गल वैजयन्ती माल है

नमो नमो विष्णु हरी जी...

तुमने धुरव प्रहलाद उभारे पापी तुम सब मार दिए,

जब जब धरा संकट में आई आप धरे अवतार है,

नमो नमो विष्णु हरी जी......

मस्त पुरनम बना नर सीमा वानर परशुराम भी

राम चंदर और श्री कृष्ण भी आप के अवतार है

नमो नमो विष्णु हरी जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।