प्रीत मोहन से की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की

चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे

क्या भरोसा था, ये वक़्त भी आएगा

वादा करके वो, हमसे मुकर जायेंगे

कल जो राहो में वो इत्तिफाकन मिले

सुन के अरजो तमन्ना, वो शर्मा गए

मुस्कुरा के कहा रास्ता छोड़ दो

हमको जल्दी है अपने घर जायेगे

प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की

चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे

ये मिली है खबर, घर से निकले है श्याम

अब जाने ना जाने कहा जायेंगे

बा वफा है तो वो मेरे घर आयेगे

बेवफा है तो खूब जाके घर जायेंगे

प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की

चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे

ऐ मेरे दिल तू मान जा, मान जा

श्याम है बेवफा उनसे दिल ना लगा

वो आयेंगे आकर चले जायेंगे

तेरी प्रीत को बदनाम कर जायेंगे

प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की

चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे

चार दिन जिंदगी के गुजर जायेंगे

क्या भरोसा था ये वक़्त भी आएगा

वादा करके वो हमसे मुकर जायेंगे

प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की

चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।