मेहंदीपुर की नगरी में बाला जी का ठिकाना है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेहंदीपुर की नगरी में बाला जी का ठिकाना है,

दिन रात खुशियों का याहा बट ता खजाना है

मेहंदीपुर की नगरी में बाला जी का ठिकाना है,

याहा पुरी जीवन की हर आस होती है ,

होती नही पल दो पल दिन रात होती है,

बात नही दुनिया की तीनो लोको ने माना है

मेहंदीपुर की नगरी में बाला जी का ठिकाना है,

आती याहा दुनिया है दुखड़े सुनाने को

बाला जी बैठे है हम अपना बनाने को

दुखो में जो राहत दे यही अंगना सुहाना है

मेहंदीपुर की नगरी में बाला जी का ठिकाना है,

मेहंदीपुर में सब को ही इंसाफ मिलता है

याहा फल कर्मो का हाथो हाथ मिलता है

बाला जी आगे ना कोई चलता बहाना है

मेहंदीपुर की नगरी में बाला जी का ठिकाना है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।