छोटा बाला जान के संकट ना टकराना रे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

छोटा बाला जान के संकट ना टकराना रे

मैं अंजनी का लाला तुमने ना पहचाना रे

सोटी वाला घाटे वाला राम दीवाना रे

अरे भागो भागो भुत ये बाला है बलवाना रे

मारे सोटा मार गिराए ये हनुमाना रे

मैं अंजनी का लाला तुम ने ना पहचाना रे

सुन लो भूतो बात ये पकी बाला जी की महिमा सची

इन के भेह से संकट काँपे शीश झुकाए रिधि सीधी

लंका में रावण ललकारा अक्षय कुमार को पल में मारा

लक्ष्मण जी को शाक्ति लागी लाये भुट्टी पवन कुमारा

हनुमान की बाजू में बड़ा जोर बतलादू में

सुनो भुत मेरी बात गुस्सा रखो काबू में

मेहंदीपुर न जाउगा मैंने तो केह दिया

बाला जी से लडू गा बच कर ना आउगा,

चल बाला के धाम तू भी मुक्ति पाना रे

बाला के भगतो को नही सताना रे

मारे कोड़े प्रेत राज भेरव बलवाना रे

छोटा बाला जान के संकट ना टकराना रे

देर न कर जल्दी से भाग तन मन में लग जाए आग,

भेरव बाबा हम को पकड़े उस से पेहले याहा से भाग

काहा मैं भागु मेरे लिए कोई नही ठिकाना रे

सुन रे भुतडे सुन रे संकट बनू नही अब ज्यादा नटखट

मुक्ति पा लो बाला जी से शीश झुकालो आओ झटपट

बेरागी बाला जी के तुम भी गुण गाना रे

छोटा बाला जान के संकट ना टकराना रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।