म्हारा अटका सारा काज थे बनावन लागेया

पारंपरिक
श्री राम भजन रानी सती दादी भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जद से दादी ठाठन नगरी थारी आवन लगाएया

म्हारा अटका सारा काज थे बनावन लागेया

हाथो हाथ मिले है परचो पुरे वर्ष को देवे खरर्चो

ये तो भर भर झोली कलकते ले जावन लगेया

म्हारा अटका सारा काज थे बनावन लागेया

अपने घर सो घाणघंड लावे आवा हां परिवार के सागे,

थाणे दुःख सुख की सारी बात सुनावन लागेया

म्हारा अटका सारा काज थे बनावन लागेया

जब से थारी शरण में आया

दादी जी आराम है पाया,

ये तो घूम घूम के दुनिया ने बतलावन लगाये

म्हारा अटका सारा काज थे बनावन लागेया

ढानढन आयो बिगड़ी बन गई

बोले पवन की किस्मत खुल गई

इब तो हाजरी में अवाम्स में लगावन लागेया

म्हारा अटका सारा काज थे बनावन लागेया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।