मेरा मन पंछी ये बोले उड़ वृन्दावन जाऊँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा मन पंछी ये बोले उड़ वृन्दावन जाऊँ

ब्रज की लता पता में मै राधे राधे गाऊं

मै राधे राधे गाऊं, मै श्यामा श्यामा गाऊं

मेरा मन पंछी ये बोले

वृन्दावन की महिमा प्यारे कोई ना जाने

प्रेम नगरिया मन मोहन की प्रेमी पहचाने

ब्रज गलियों में झूम झूम के

ब्रज गलियों में झूम झूम के, मन की तपन बुझाऊं

ब्रज की लता पता में मै राधे राधे गाऊं

मै राधे राधे गाऊं, मै श्यामा श्यामा गाऊं

मेरा मन पंछी ये बोले

निधि वनजी में जहाँ कन्हैया रास रचाते है

प्रेम भरी अपनी बांसुरिया आप बजाते है

राधा संग नाचे सांवरिया

राधा संग नाचे सांवरिया दर्शन करके आऊ

ब्रज की लता पता में मै राधे राधे गाऊं

मै राधे राधे गाऊं, मै श्यामा श्यामा गाऊं

मेरा मन पंछी ये बोले

छैल छबीले कृष्ण पिया तेरी याद सताती है

कुहु कुहु कर काली कोयल मन तडपाती है

छीन लिया सब तूने मेरा

छीन लिया सब तूने मेरा, यार कहा अब जाऊँ

ब्रज की लता पता में मै राधे राधे गाऊं

मै राधे राधे गाऊं, मै श्यामा श्यामा गाऊं

मेरा मन पंछी ये बोले

राधे राधे जपले मनवा दुःख मिट जायेंगे

राधा राधा सुनके कान्हा दौड़े आएंगे

प्यारे राधा रमण तुम्हारे

प्यारे राधा रमण तुम्हारे चरणों में रम जाऊँ

ब्रज की लता पता में मै राधे राधे गाऊं

मै राधे राधे गाऊं, मै श्यामा श्यामा गाऊं

मेरा मन पंछी ये बोले

मेरा मन पंछी ये बोले उड़ वृन्दावन जाऊँ

ब्रज की लता पता में मै राधे राधे गाऊं

मै राधे राधे गाऊं, मै श्यामा श्यामा गाऊं

मेरा मन पंछी ये बोले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।