यो तो बहुत दुखी संसार भोला नयु बोलेया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

यो तो बहुत दुखी संसार भोला नयु बोलेया,

चार बजे ये बुढिया आवे जल का लोटा मुझ पे चडावे

ये सुखी मांगे परिवार भोला नयु बोलेया,

छे बजे ये बुहवन आवे दूध का लोटा मेरे ते चडावे,

ये गोदी में मांगे लाल भोला नयु बोलेया,

आठ बजे ये ऋषि मुनि आवे फल और फूल मेरे ते चडावे,

ये खुश मांगे संसार भोला नयु बोलेया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।