शिवा शिवा शम्भु

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिवा शिवा शम्भु , शिव शम्भु बाबा,

कैलाश पे डेरा तेरा साथ गौरा माता,

शिवा शिवा शम्भु , शिव शम्भु बाबा,

भांग धतूरा पिता ,पिता है प्याला

भक्तों के दुखियों के कषट हरने वाला है,

शिवा शिवा शम्भु , शिव शम्भु बाबा

कैलाश पे डेरा तेरा साथ गौरा माता

भोले के सारे पे ,गंगा माँ विराजे

मस्तक पे उस के चंदा है साज़े ,

शिवा शिवा शम्भु , शिव शम्भु बाबा

कैलाश पे डेरा तेरा साथ गौरा माता

भोले मेरे की , महिमा है न्यारी

गले में है नाग करता नंदी की सवारी ,

शिवा शिवा शम्भु , शिव शम्भु बाबा

कैलाश पे डेरा तेरा साथ गौरा माता ,

सिंगर व लेखक - अिक्षत शर्मा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।