माये नी माये ग्वाले झूठ बड़ा मारदे

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माये नी माये ग्वाले झूठ बड़ा मारदे

मुँह ते मेरे मखन मलके तैनू वाजा मारदे

कच्ची निन्दर उठ सवेरे मधुबन नु जावा

सारा दिन मैं गैया चरावा शाम पई घर आवा

निके निके पैर मेरे कंडे चुबे मारदे

माये नी...........

चोरी मखन करन ग्वाले चोर मैनु बनादे

मुँह ते मेरे मखन मलके आन तैनू सुनादे

पुत्त पराया जान के ते सारे ताने मारदे

माये नी..........

तू माँ मेरी भोली भाली भेद भाव ना जाने

लोका दिया गल्ला सुनके पासे मेरे पन्ने

पुत्त पराया जान के ते सारे छिड़के मारदे

माये नी...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।