खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता

वैष्णो माता मेरी वैष्णो माता

वैष्णो माता मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता...

पहली पहली खेल माँ ज्वाला मैया खेलदी

ज्वाला मैया खेलदी, ज्वाला मैया खेलदी

फिर जित गई जित गई जित गई ओ मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता...

दुजी-दूजी खेल मैया कांगड़े वाली खेलदी

कांगड़े वाली खेलदी, कांगड़े वाली खेलदी

फिर जित गई जित गई जित गई ओ मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता...

तीजी-तीजी खेल माँ नैना देवी खेलदी

नैना देवी खेलदी माँ नैना देवी खेलदी

फिर जित गई जित गई जित गई ओ मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता...

चौथी- चौथी खेल मैया चिंतपूर्णी खेलदी

चिंतपूर्णी खेलदी माँ चिंतपूर्णी खेलदी

फिर जित गई जित गई जित गई ओ मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता...

पजंवी तां खेल माँ चामुण्डा रानी खेलदी

चामुण्डा रानी खेलदी, चामुण्डा रानी खेलदी

फिर जित गई जित गई जित गई ओ मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता...

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता

वैष्णो माता मेरी वैष्णो माता

वैष्णो माता मेरी वैष्णो माता

खेल गिटीयां दीया खेला ओ मेरी वैष्णों माता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।