यूँ तो मेरे खाटू वाले ने सबकी ही किस्मत सँवारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यूँ तो मेरे खाटू वाले ने सबकी ही किस्मत सँवारी

पर मुझको लगता है ऐसा मुझ पे तो कृपा है भारी

गुण टिया गाऊं तुझको रिझाऊं ताली बजाऊं सबको बताऊँ

मैं तो नाचूंगी मैं तो नाचूंगी हाँ मैं तो नाचूंगी

मेरा बाबा रंग रंगीला मैं तो नाचूंगी

मेरा बाबा बड़ा सजीला मैं तो नाचूंगी

दर तेरे आके ज्योत जलाके

सबको बुलाके हाथ उठाके मैं तो नाचूंगी

हाँ मैं तो नाचूंगी जी नाचूंगी जी नाचूंगी

मेरा बाबा रंग रंगीला ................

यूँ तो मेरे खाटू वाले ने सबकी ही किस्मत सँवारी

पर मुझको लगता है ऐसा मुझ पे तो कृपा है भारी

तुमने दिया है मैंने लिया है

तेरा शुक्रिया है तेरा शुक्रिया है मैं तो नाचूंगी

हाँ मैं तो नाचूंगी जी नाचूंगी जी नाचूंगी

मेरा बाबा रंग रंगीला ................

जीवन में अपने मज़ा है खाटू वाले की कृपा है

मांगे तो क्या गिन्नी मांगे ऐसा भी क्या अब बचा है

एक सहारा श्याम हमारा

मैंने पुकारा तूने पुकारा मैं तो नाचूंगी

मैं तो नाचूंगी जी नाचूंगी जी नाचूंगी

मेरा बाबा रंग रंगीला ................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।