साँवरिया बेगा आओ जी थारी बाँट निहारू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया बेगा आओ जी, थारी बाँट निहारूं मैं घर में,

सांवरिया दर्श दिखाओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में

तेरा करता हूँ गुणगान मैं ना सुबह ना देखूं शाम मैं,

मेरा सेठ सांवरा आओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में,

सांवरिया दर्श दिखाओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में

तूने खाटू में सजा दरबार लिया ओ नीले के असवार पिया,

नीले पे चढ़ कर आओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में,

सांवरिया दर्श दिखाओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में

दीपक अब बाबा हार गया तेरा नाम ही हमको तार गया,

गुलशन ने पुकारा आओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में

सांवरिया दर्श दिखाओ जी थारी बाँट निहारूं मैं घर में

सिंगर दीपक बाबा 9896337629

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।