अपने गुरु से क्या मांगू

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अपने गुरु से क्या मांगू

बिन मांगे सब कुछ मिल गया

माता मिली है मुझे पिता मिले है

सुन्दर सा भैया मिल गया

बिन मांगे सब कुछ मिल गया

सास मिली है मुझे ससुर मिला है

सुन्दर सा बलमा मिल गया

बिन मांगे सब कुछ मिल गया

चूड़ी मिली है मुझे बिंदी मिली है

और मंगल सूत्र मिल गया

बिन मांगे सब कुछ मिल गया

बेटा मिला मुझे बेटी मिली है

और ठिकाना गुरु का मिल गया

बिन मांगे सब कुछ मिल गया

अपने गुरु से क्या मांगू

बिन मांगे सब कुछ मिल गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।