ओ मेरे भोले आंखें तो खोलो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे भोले आंखें तो खोलो दर्शन करा दो इक बार आउंगी मैं दोबरा

भोले के सिर पे गंगा विराजे गंगा विराजे देखो गंगा विराजे

गंगा नेहला दो एक बार आउंगी मैं दोबरा

भोले के मस्तक पे चन्द्रमा विराजे

चंद्रमा विराजे देखो चंदरमा विराजे

चंद्रमा दिखा दो एक बार आउंगी मैं दोबरा

भोले के गले में सर्प विराजे,

सर्प दिखा दो एक बार आउंगी मैं दोबारा

दर्शन करा दो एक बार आउंगी मैं दोबरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।