नाम ले रहा हु तेरा नाम ले रहां हु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम ले रहा हु तेरा नाम ले रहां हु

तेरी किरपा से इस दुनिया में नाम ले रहा हु

सोना चांदी माँगा न मैंने तेरे दरबार में

लाज बचाने आओ बाबा नाव पड़ी मजधार में

ये मामूली इक छोटा सा काम ले रहा हु

नाम ले रहा हु तेरा नाम ले रहां हु

तुम सा दीन दयाला पा कर मैं बोलू क्यों रो पडू

तुम चाहो तो हस्लू तू चाहो तो रो पडू

हर सांसो में नाम तुम्हारा श्याम ले रहा हु

नाम ले रहा हु तेरा नाम ले रहां हु

छोड़ चूका रंग रंगलिया अब खाटू की गलियां भा गई

प्रीत तुम्हारी मुझ पर ओ सांवरिया छा गई एक सहारा तेरा आठो याम ले रहा हु

नाम ले रहा हु तेरा नाम ले रहां हु

लिखते लिखते पल में अब तो मन की पीड़ा लिख गई

दर्द भरे भजनो को गाना मन की पीड़ा सिख गई

इंदु दर्द का भर भर तुम को याम दे रहा हु

नाम ले रहा हु तेरा नाम ले रहां हु

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।