,चलो मन गंगा यमुना तीर

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो मन गंगा यमुना तीर

गंगा यमुना निर्मल पानी शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा यमुना तीर

बंसी बजावत गावत कान्हा,संग लिए बलवीर,

गंगा यमुना निर्मल पानी शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा यमुना तीर

मोर मुकट पितामभर सोहे कुंडल छलकत ही

गंगा यमुना निर्मल पानी शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा यमुना तीर

मीरा के प्रभु गिरधर नागर चरणों पर है शीर

गंगा यमुना निर्मल पानी शीतल होत शरीर,

चलो मन गंगा यमुना तीर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।