तेरे दर पे खड़े युग बीत गए मेरे संकट काटो बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे खड़े युग बीत गए मेरे संकट काटो बाला जी

मैं जल का लोटा लाई हूं

तुम चरण धुलाओ बालाजी

तेरे दर पे.........

मेरे हाथ में केसर रोली है

तुम तिलक लगाओ बालाजी

तेरे दर पे..........

मेरे हाथ में लाल लाल चोला है

तुम चोला पहन लो बालाजी

तेरे दर पे..........

मैं दिया और बाती लाई हूं

तुम ज्योति जलाओ बालाजी

तेरे दर पे..........

मैं लड्डू चूरमा लाई हूं

तुम भोग लगाओ बालाजी

तेरे दर पे..........

मैं संकट लेकर आई हूं

मेरे संकट हर लो बालाजी

तेरे दर पे..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।