नाथ नारायण वासुदेवा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा

श्री कृष्ण गोविंद....

मैया यसोदा हरि को जगाए

हे लाल जागो अब नैन खोलो

द्वारे खड़े गोप बुला रहे है,

हे नाथ नारायण वासुदेव,

सच्चे सखा है हरि ही हमारे,

माता पिता शील सुबंधु प्यारे,

भूलो ना भाई दिन रात गाओ,

हे नाथ नारायण वासुदेव,

देहांत काले तूम सामने हो,

वंशी बजाते मनकों लुभाते,

गाते यही नाम तन को मैं त्यागु,

हे नाथ नारायण वासुदेव,

गोविंद मेरी यही प्रार्थना है,

भूलू ना मैं नाम कभी तुम्हारा,

निष्काम होकर सदा भजु मैं,

हे नाथ नारायण वासुदेव

Hemkant jha प्यासा

हेमकान्त झा प्यासा

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।