शेरोवाली आंबे भवानी तेरे नाम को जपते सारे प्राणी

पारंपरिक
महादेव आरती दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शेरोवाली आंबे भवानी तेरे नाम को जपते सारे प्राणी

जय जय माँ,

जय जय जय जय जयहो माँ।

तेरी आरती चाँद सूरज उतारे,

पवन आपका रोज अंगना बुहारे,

तू अन्नपूर्णा है महाशिव की शक्ति,

सदा ब्रह्मा विष्णु करे तेरी भक्ति,

तू ही लक्ष्मी तू ही वीणापाणि,

तू ही लक्ष्मी तू ही वीणापाणि,

तेरे नाम को जपते सारे प्राणी,

शेरोवाली अंबे भवानी,

तेरे नाम को जपते सारे प्राणी।।

गले में सुहाए है मोती की माला,

चमकता है कानो में कुंडल विशाला,

और नौ लाख चुनरी में तारे सजाये,

है चारो दिशा तेज से जगमगाये,

बड़े बड़े ऋषि मुनि ज्ञानी,

बड़े बड़े ऋषि मुनि ज्ञानी,

तेरे नाम को जपते सारे प्राणी,

शेरोवाली अंबे भवानी,

तेरे नाम को जपते सारे प्राणी।।

सदा कष्ट भक्तों के हरती हो मैया,

निपूती की तुम गोद भरती हो मैया,

कोई द्वार से तेरे खाली ना जाये,

जो मांगे वही दान माँ तुमसे पाये,

कोई नहीं तुम सा है दानी,

कोई नहीं तुम सा है दानी,

तेरे नाम को जपते सारे प्राणी,

शेरोवाली अंबे भवानी,

तेरे नाम को जपते सारे प्राणी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।