शनि जयंती में जप शनि नाम

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

शनि जयंती में जप शनि नाम

बन जायेगे बिगड़े काम

शनि जयंती में जप शनि नाम

कट जायेगे कष्ट तमाम

शनि जयंती में जप शनि नाम

बन जायेगे बिगड़े काम

तिल और तेल चड़ाए जो भी उसका तो होता कल्याण

शिगना पुर शिला रूप में आके तूने बनाया अपना धाम

गूंजी महिमा सुबहो शाम कट जायेगे कष्ट तमाम

शनि जयंती में जप शनि नाम

बन जायेगे बिगड़े काम

सुख और दुःख हर हाल में प्राणी भगती दामन रखना थाम

सूर्ये पुत्र का मंत्र तू जपले ना कोई मोल न लगता धाम

कष्ट मुकत हो मन और प्राण कट जायेगे कष्ट तमाम

शनि जयंती में जप शनि नाम

बन जायेगे बिगड़े काम

ॐ निलाजन समा बासम रविपुत्र्म यमा गजरम,

छाया मारतंड सम भूतम तन निमामी शनेछरम,

करके मंत्र तू कर परनाम कट जायेगे कष्ट तमाम

कट जायेगे कष्ट तमाम

शनि जयंती में जप शनि नाम

बन जायेगे बिगड़े काम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।