प्रभु जी काया की बन गई रेल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रेल गाड़ी चलने वाले है

प्रभु जी काया की बन गई रेल

हाथ पैर के पहिये बन गए दो नैनं के सिगनल बन गए

दिल को इंजन बनाये रेल रेल गाड़ी चलने वाले है

प्रभु जी काया की बन गई रेल

हाथ पैर के पहियाँ थक गए

दो नैनं के सिंगल भुज गए

दिल को इंजन है गयो फेल रेल स्टेशन पे खाड़ी हु

प्रभु जी काया की बन गई रेल

एक लडके के साईंआ बनवावे

बा के उपर रेल सिलाए

कर सोल्हा शिंगार ये रेल रेल कंधे पे जा रही है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।