जोगी तुहाडे चरना दिया

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन बाबा बालक नाथ भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

जोगी तुहाडे चरना दिया मैं खडावा बन जावा

धुल तेरे चरना दी चूम के मैं मथे नाल लावा

जोगी तुहाडे चरना दिया मैं खडावा बन जावा

हर वेले तेरी करा चकारी बन के ताबे दार तेरा

हर जन्म हर जून च जोगी होवा सेवा दार तेरा

दिल दे फ्रेम च मूरत तेरी जोगीया मैं जडावा,

जोगी तुहाडे चरना दिया मैं खडावा बन जावा

पौनाहरिया सिद्ध जोगी मेरे तू तकदीर है मेरी

तेरे हथ जीवन दी कुंडली तू मुखड़ा न फेरी

सुबह शाम मैं हर वेले बाबा तेरा दर्शन पावा

जोगी तुहाडे चरना दिया मैं खडावा बन जावा

सनी लुध्याने वाले दे सिर ते हथ तेरा है जोगी

तेरे नाम दी लिखदा महिमा तेरे नाम दा रोगी

सागर सोरव सैनी वांगु तेरीया भेटा गावा

जोगी तुहाडे चरना दिया मैं खडावा बन जावा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।