मैया तेरी चरणों की गर धूल जो मिल लाये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया तेरी चरणों की गर धूल जो मिल लाये,

सच कहता हो मइया तक़दीर बदल जाये,

मन बड़ा चंचल हे,

जितना इसे समझाओ,

उतना ही मचलता हे,

माँ गुड़ न कोई मुझमे,

सब गुड़ बिसरा जाना सहगल को,

माँ अपना लो जीवन ये सवर जाये,

मैया तेरी चरणों की गर धूल जो मिल लाये,

मैया मेरे जीवन की बस इतनी तमना हे,

तुम सामने हो मेरे मेरा दम जो निकल जाये,

माँ मेरी इस नैया की एक तुम ही खवइया हो,

हो जाये अगर कृपा तब पर ये लग जाये,

मैया तेरी चरणों की गर.........

(Sing by Narender Sehgal 09416116158)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।