भोले मेरी नैया को

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना

भोले बाबा तेरे दर पे मैं आस लिए आई हु

तेरे दर्शन की मन में इक प्यास लिए आई हु

है आप के हाथो में मेरी बिगड़ी बना देना

हर और अँधेरा है तूफ़ान ने गेरा है,

कोई राह नही दिखती इक तुझपे भरोसा है

दुःख आप मेरे मन का महादेव मिटा देना

भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना

महादेव जटा में तुमने गंगा को छिपाया है

मथे पे सजे चंदा गल नाग लिपटाया है

मुझे नाथ गले अपने महा काल लगा लेना

भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।