बाबा के दर पे जायेगे

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा के दर पे जायेगे चरनो में शीश चरणों में शीश जुकायेगे

बाबा की गाथा गायेगे हम जय जय कार लगाये गे फुले नही समाये गे

पौनाहारी दुधाधारी चिंता धारी मेरे बाबा

बाबा जिहने चाहते है देखो दर पे अपने बुलाये

बाबा के दर जा कर के देखो बाबा के दर्शन पाए

चिमटे की झंकार से सारे कष्ट दूर हो जाए

बाबा के दर पे जायेगे चरनो में शीश चरणों में शीश जुकायेगे

बाबा है शिव अवतारी काटे है सब की बिमारी

बाबा है मेरे चमत्कारी माने है दुनिया सारी

माँ रतनो के चरणों में हम शरदा सुमन चड़ाए,

बाबा के दर पे जायेगे चरनो में शीश चरणों में शीश जुकायेगे

भगतो के मन की बाते देखो बाबा मेरे जानते ही

भगतो के मन की मुरादे देखो पूरी करके मानते है

मेरे बाबा खुशियों को देखो घर घर में बरसाये

बाबा के दर पे जायेगे चरनो में शीश चरणों में शीश जुकायेगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।