साँवरे संसार में क्या हो रहा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवरे संसार में क्या हो रहा,

मौत है सर पे है खड़ी जग रो रहा,

साँवरे संसार में क्या हो रहा

तेरे होते हम रहे हैं हार क्यों,

है ख़बर मेरे श्याम या तू सो रहा,

मौत है सर पे है खड़ी जग रो रहा,

साँवरे संसार में क्या हो रहा

बाप बूढा कांपती लाश बेटे की,

बता क्यों ढो रहा मौत है सर पे है खड़ी,

जग रो रहा साँवरे संसार में क्या हो रहा

कौन है अपना बता दे तेरे सिवा,

ये बता हमसे ख़फ़ा क्यों हो रहा,

मौत है सर पे है खड़ी जग रो रहा,

साँवरे संसार में क्या हो रहा

कहते हैं सारे दया सागर तुझे,

फिर ये जग अश्कों से मुंह क्यों धो रहा,

मौत है सर पे है खड़ी जग रो रहा,

साँवरे संसार में क्या हो रहा

साँवरे संसार में क्या हो रहा,

मौत है सर पे है खड़ी जग रो रहा,

साँवरे संसार में क्या हो रहा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।