तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे,

हमारा नहीं कोई रे, सहारा नहीं कोई रे,

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रै

अमुवा की डाली पे, पिंजरा टंगाया,

उड गया सुआ पढ़ाया नहीं कोई रे,

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रै

गहरी गहरी नदियाँ, नाँव पुरानी,

डूबण लागी नाव, बचाया नहीं कोई रे,

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रै

भाई और बंधू, कुटुम्ब कबीलों,

बिगड़ी जो बात, बनाया नहीं कोई रे,

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रै

कहत कबीर, सुनो भाई साधों,

गुरु बिन ज्ञान, सिखाया नहीं कोई रे,

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रै

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।