मै हूँ आया है तेरे द्वार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मेरी सुन ले पुकार हे माँ

मेरी सुन ले पुकार हे माँ

ओ मैया नैया पार लगा

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

माथे पे सिंदूर विराजे

धुप दीप नैवेद्य चढावे

मै तो लाया है फूल तेरे द्वार

मै तो लाया है फूल तेरे द्वार

हे मेरी, सुन ले मेरी पुकार

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

जीवन नैया पार लगा दे

चरण कमल में आने वाले

तू ही अन्तर्यामी माँ

तू ही अन्तर्यामी माँ

ओ मैया सुन ले मेरी पुकार

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

तू है लक्ष्मी शारदा तू भी

विष्णु पत्नी है जग जननी

तू दीन बंधू है माँ

तू दीन बंधू है माँ

ओ मैया सुन ले मेरी पुकार

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

मै हूँ आया है तेरे द्वार,

ओ जय लक्ष्मी माता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।