सालासर वाले तुम्हे आज हम मनायेगे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सालासर वाले तुम्हे आज हम मनायेगे,

महिमा तेरी गायेगे तुझको रिजायेगे

जब कभी भी हम को बाबा तेरी याद आएगी

सालासर आयेगे तेरी पूजा हम रचाएगे

देव तुम निराले हो भगतो के प्यारे हो

तुम सल्सर वाले ईशा पुगाने वाले

अपने भगतो के तुम हो रखवाले

विपदाओं को पल में तुम हो हरने वाले

हर कष्ट हर दुःख को तुम हो मिटाने वाले

असहायो को बाबा तुम शरण देने वाले

चरणों में तेरे रहेगे दूर नही जायेगे

सालासर वाले तुम्हे आज हम मनायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।