तू आजा मुड के लैके बाले मर्दाने नु

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पुठे राह पई दुनिया रही न लज जमाने नु

तू आजा मुड के लैके बाले मर्दाने नु

अवल आल्हा नूर उपाया कुदरत के सब बंदे

एक नूर ते सब जग उप्जेया कौन भले कौन मंदे

हर दोष बंदे विच लभ दे अज लाके पैमाने नु

तू आजा मुड के लैके बाले मर्दाने नु

बदल गया एह इंसान एह पैडी हवस ने घेर लिया

होया कोर हनेर ने अक्ल ने बुहा पेड़ लिया

नीत बुरी न तकदा हूँ धी पूत बेगाने नु

तू आजा मुड के लैके बाले मर्दाने नु

खाली हथ तू आया सिधु खाली हथ मुड जाना

पल दा नही भरोसा ता भी रेहन्दा पाप कमोना

मार मार के ठगिया भरदा पेया खजाने नु

तू आजा मुड के लैके बाले मर्दाने नु

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।