तेरे शरण आए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे शरण आए, देखो हे अम्बे माता, ओ माता

तेरे शरण आए, देखो हे अम्बे माता

चारो दिशा से, भक्ति आशा से,

भक्तो की भीड़ आयी, हो माता

तेरे शरण आए, देखो हे अम्बे माता, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता

चारो दिशा से, भक्ति आशा से,

भक्तो की भीड़ आयी, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता

तू जो कहे माँ वो सब सुनेंगे

दिन रात तेरी पूजा करेंगे – ॥

सुख हो या दुःख हो, हम सब सहेंगे

हर हाल तेरी भक्ति करेंगे

भक्तो की पीड़ा, हरनेवाली माँ,

कोटि कोटि है प्रणाम

हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता

चारो दिशा से, भक्ति आशा से,

भक्तो की भीड़ आयी, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता

तीनो लोको की तू दानी है माँ

अन्तर्यामी है, तू ज्ञानी है माँ –॥

सुख देके दुःख का हरण करो माँ

सब जन का अर्चन ग्रहण करो मा

दुनिया की रक्षा करनेवाली माँ,

रोशन रहे तेरा नाम

हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता

चारो दिशा से, भक्ति आशा से,

भक्तो की भीड़ आए, हो माता

तेरे शरण आए देखो हे अम्बे माता,

हो माता – ॥

हे अम्बे माता, हो माता

हे अम्बे माता, हो माता

हे अम्बे माता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।