वही राम एक रमा हुआ है रमा हुआ तन मन में मै तो

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वही राम एक रमा हुआ है, रमा हुआ तन मन में मैं तो,

राजी हूं राम भजन में

चंदा से चकोर है राजी, मोर पपैया बन मे रामा ,

भंवरा राजी सदा फूल मे, बुलबुल देख चमन मे,

मै तो राजी हूं राम भजन मे भजन मे मै तो राजी हूं .....

पुअर नार अकेली राजी चतुर नार सखियन में रामा

चतुर पुरुष तो तभी है राजी-२, बैठ आन सत्संग में

मैं तो राजी हूं राम भजन में भजन मे मै तो राजी हूं ...

हंसा तो समंद में राजी, शेर वगैडहा वन में रामा,

दाता राजी दान करण में, पूंजी राजी धन में,

मैं तो राजी हूं राम भजन में मैं तो राजी हूं........

कायर चाहे बचाना जिंदगी, सूरा राजी वन में रामा,

टीकम राम और परमानंद जी, रहते सदा लग्न में,

मै तो राजी हूं राम भजन में मै तो राजी हूं.........

प्रेषक-नरेंद्र बैरवा (गंगापुर सिटी)

रमेश दास उदासी ग्रुप

मो.नं 8562873963

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।